राजस्थान राज्य प्रशासनिक सेवा वर्ष 2007 के परिणाम 9 सितम्बर को देर रात जारी किए गए जिसमें भोलाराम देवासी ने 65वीं रैंक प्राप्त की! अन्य पिछडा वर्ग में भोलाराम देवासी 24वीं रैंक से हैं! भोलाराम देवासी को राजस्थान राज्य प्रशासनिक सेवा संभवतः खण्ड विकास अधिकारी सेवा वर्ग या परिवहन सेवा (D.T.O.) आदि आवंटितहो सकता हैं! आप को ज्ञात रहे कि भोलाराम देवासी ने भारतीय प्रशासन सेवा में भी सफलता के दरवाजे तक दस्तक दी थी वे मात्र दो... तीन... अंक से भारतीय प्रशासन सेवा मे चुने जाने से वंचित रह गये थे! भोलारामे देवासी ने भारतीय प्रशासनिय सेवा वर्ष 2009 मे सम्पन्न परीक्षा में प्रारंभिक परीक्षा पास की है एवं मुख्य परीक्षा की तैयारी जी-जान से जुटे है!

जालोर जिले के सांथू ग्राम में जन्मे, पले, बढे, भोलाराम देवासी (घांघल) वर्तमान में शिक्षक पद पर सेवारत है! भोलाराम देवासी की ईस उपलब्धि से समुदाय के अध्ययनरत बच्चों मे उच्च पदों की प्रशासनिक तैयारियों के लिए प्रेरणा बढेगी कि शिक्षक जैसे पद पर कार्यरत रहते हुए भि व्यक्ति उच्च प्रशासनिक सेवाओं में चुना जा सकता है लिहाजा ढंग से अद्ययन की तैयारियां की जाएं!

ईंग्लैड के एक किसान ने दुनिया की सबसे महंगी भेड़ को 1 करोड 82 लाख के ज्यादा रूपए में खारीदा! रेम प्रजाति की ईन भेड़ो की कींमत दुनिया में आमतौर पर 27 हजार से 40 हजार रूपये के बीच रहती है! अपनी विशेषताओं के कारण यह भेड़ दुनिया में दुर्लभ ही है! यह एक साल में एक हजार बच्चों को जन्म देती है! ईससे पहले ऐसी ही भेड़ 1989 में एक करोड 50 लाख मे बिकी थी!

Sarneshwer hahadev

राजस्थान के शिरोही के नजदीक पहाड़ी के पश्चिमी ढाल पर स्थित मशहूर शारणेश्रर महादेवजीका मंदिर है! यह एक मंदिर किला मंदिर है! यह मंदिर परमार वंश के शासन में 16वीं सदी मे बनाया गया है! एस मंदिरमे हर साल भाद्रपद सुद-11 के दिन मेला लगता है! उस दिन सिर्फ रबारी और वो भी अपने पारंपारीक पोशाकमे ही मेले मे जा सकते है! कलेक्टर या मुख्य मंत्री को उस दिन मेले मे आना हो तो उन्हे भी रबारी पोषाक पहनना पडता है, अन्यथा वो भी नही आ सकते! ऐसा राजस्थानी रबारीओ का मेला जीवनमे इक बार जरूर देखने लायक है! इस मंदिर का ईतीहास कुछ इस तरह है!

गुजरात के राजा सिध्धराज सोलंकीने सिध्धपुरमें बनाया हुआ रुद्रमाल मंदिरको तोड कर उनकी शिवलींग गाय के चमडेमे लिपट कर बादशाह महमद बेगडो दिल्ही ले जा रहा था तब रास्तेमें शिरोही राज्य आया! शिरोही के राजाने अपने पडोशी राज्यो से मदद न मिलने पर एक रबारी सेना बनाई! रबारीओने बडी खूमारी के साथ लडकर शीवलींग बादशाह से छीन लीया, और उसी जगह शीवलींग की स्थापना की! शिरोही के राजाने खूश होकर रबारीओ को कहा क्या चाहिए, तब रबारीओने जीस दिन स्थापना हुई उस दिन का अधिकार मांगा! तब से यह परंपरा चली आई है! और उस दिन से हर भाद्रपद सुद ११ के दिन इस मंदिर पर सिर्फ रबारीओ का ही अधिकार लगता है और कोई नहि आ सकता हैं! Read more...

कर्नाटक विधानसभा में प्रतिपक्ष नेता पद पर कोंग्रेस के जुझारु नेता व पूर्व उप मुख्यमंत्री सिध्धारर्मैया को प्रतिपक्ष नेता पद पर कोंग्रेस ने घोषित किया है! कर्नाटक में कुरूबा समुदाय की राज्य में भारी जनसंख्या व ईस समुदाय के मुख्य नेता सिध्धारमैया की राजनीतिक सूझबूझ एवं राज्य मे प्रभाव को देखते हुए कांग्रेसने उन्हें नेता प्रतिपक्ष पद पर मनोनीत किया! राज्य की राजनीति से मलिकार्जुन खड़गे पूर्व मुख्यमंत्री एम.कृष्णा एवं धर्मसिंह को केन्द्र में स्थान मिलने के बाद राज्य की राजनीति में प्रभावी भुमिका निभाने के लिए सिध्धारमैया को राज्य विधानसभा में प्रतिपक्ष नेता जैसे महत्वपूर्ण पद पर मनोनीत किया गये है!

पिछले लोकसभा चुनावों में दक्षिणी कर्नाटक से जहां सिध्धारमैय्या का प्रभाव है, वहां कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन कर भाजपा की सीटो को पुःन कांग्रेस के लिए हथियाया! इससे कांगेस के राष्ट्रीय नेतृत्व में सिध्धारमैय्या पर एक बार पुःन विश्वास कर राज्य विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता के साथ आगामी विधानसभा मे कांग्रेस को पुःन सत्ता के द्वार पर ले जाने के लिए सिध्धारमैय्या पर ही विश्वास किया है!

पाठकों को ज्ञात रहे कि सिध्धारमैय्या कर्नाटकमे जनता दल धर्मनिरपेक्ष पार्टी मे नम्बर दो की श्रेणी के नेता रहे ओर राज्य मे उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए अपने राजनीतिक कौशल की अमिट छाप छोडी! लेकिन देवेगौडा के पुत्र प्रेम के कारण उन्होंने जनता दल धर्म निरपेक्ष छोडकर कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की लेकिन कांग्रेसमें भी अनेक नेता उन्हें महत्वपूर्ण पद देने के पक्षधर नहीं रहे थे! नतीजन पिछले विधानसभा में कांग्रेस राज्य में सत्तासीन होने से वंचित रह गई! अब पुनः कांग्रेस राज्य के खोए हुए अनाधार को एकत्रित करने की मुहिम के अन्तर्गत सिध्धारमैय्या जैसे युवा नेता पर विश्वास कर राज्य में अपने जनाधार को मजबूत कर रही है! सिध्धारमैय्या के नेता प्रतिपक्ष चुने जाने के बाद उनकी मैसूर यात्रा पार उमडी भीड ने मीडिया और कर्नाटक के राजनीतिक दलो की आंखे खोल दी! मैसूर में सिध्धारमैय्या के स्वागत हेतु कई लाखों की भीड को मीडियाने मिनी दशहरा उत्सव की संज्ञा दी थी!

बंगलोर में कोथनूर क्षेत्र में देवासी समाज द्वारा प्रस्तावित शिव मंदिर के निर्माण का वास्तु पूजन 25 जून को देवासी समाज के हजारों प्रतिनिधियों की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ! बंगलोर में देवासी समाज महामंडल कोथनूर द्वारा वर्ष २००४ में दो चरणोमें 155 * 80 नाप का भूखण्ड सामाजिक उपयोग मंदिर निर्माण एवं अन्य उपयोग के उद्देश्य से 30 लाख रूपये में खरीदा गया! इस भूखण्ड पर वर्तमान में एक बडा हाल, 3 कमरे व रसोईघर का निर्माण किया जा चुका है! इस भूखंड पर सामाजिक गतिविधियों के व्यवस्थित संचालन हेतु ट्रस्ट का पंजीकरण करवा कर एक कार्यकारिणी द्वारा समस्त व्यवस्थाएं एवं गतिविधियां संचालित की जाती है वर्तमान में ट्रस्ट के अध्यक्ष शैतानराम कालार (भैषाणा) है! इस भूखण्ड और प्रस्तावित मंदिर के निर्माण हेतु 250 दुकानदार एवं 2000 के लगभग सामाजिक बन्धु आस्थावान है! वहीं ट्रस्ट में 51 सदस्य हैं यह भूखण्ड बांगलूर मैन रोड (एयरपोर्ट रोड) कोथनूर में पटेल रामया ले आऊट में स्थित है! ईसी भूखण्डमें 15 अगस्त के बाद 28 लाख लागत से विशाल शिव मंदिर के निर्माण की प्रस्तावना है! यहां पर पिछले 5 वर्ष मे प्रतिवर्ष श्रावण सोमवार जागरण महाशिवरात्रि महोत्सव आदि पर भव्य कार्यक्रम आयोजित होते है!

मंदिर का निर्माण के बारे में बताते हुए शैतानराम देवासी ने बताया कि मन्दिर निर्माण में २५ लाख रूपये के आसपास लागत आएगी एवं बाकी बची हुई भूमि में मण्डपम आदि का निर्माण करवाया जाएगा!

राजकोट में राइका एज्युकेशन चेरिटेबल ट्रस्ट (रैक्ट) द्वारा कैरियर गाइडेंस सेमिनार का आन्दोलन 7 जून, 2009 को किया जिसमें लगभग 100 से अधिक विद्यार्थियोने भाग लिया! इस सेमिनार में रैक्ट के प्रबन्ध ट्रस्टी लालसिंह पवारने सिविल सेवा, बैकिंग सेवा, एम.बी.ए. आदि के बारे में जानकारी देते हुए साक्षात्कार पर भी अपना पावर पाइंट प्रेजेटेंशन दिया!

सागर भाई राइका रैबारी (निरमा विश्वविद्यालय) ने सूचना तकनीकी में प्रवेश हेतु विभिन्न कोर्सो की जानकारी दी जबकि धरमशी भाई रैबारी व्याखाता, निरमा विश्वविद्यालय ने 12वीं के बाद साइंस के विभिन्न कोर्सो की जानकारी दी!

चन्दुभाई जिड (सौराष्ट्र ग्रामीण बैंक में मैनेजर एवं रैक्ट सदस्य) ने अपने बैंक में निकली भर्ती का विस्तार से विवरण दिया जबकि पुलिस इंस्पेक्टर कलोतरा ने पुलिस भर्ती के किए शारीरिक परीक्षा हेतु पावर पाइंट प्रेजेन्टेशन दिया! सेमिनार का आयोजन रैक्ट एवं रैबारी उत्कर्ष मंडल राजकोट ने किया!

रैक्ट के ट्रस्टी एवं चार्टड एकउंटेन्ट चिमनभाई कटारा एवं उनकी टीम की संगठन शक्ति की सभी ने प्रसंशा की!

चिमनभाई ने सभी का आभार व्यक्त किया!

आजादी के 60 वर्षो के बाद घुमन्तु, अर्ध घुमन्तु, जातियां की शैक्षिक, सामाजिक, आर्थिक स्थिति के बारे में ध्यान गया तथा इनके बारे में रेनके आयोग गठित किया! इन जातियों पर आजादी के इतने वर्षो पर ध्यान जाना अपने आप में देश के ऊपर एक कलंक है! रेनके आयोग ने विस्तृत अध्ययन कर जो रिपोर्ट तैयार की है वो वास्तव में सराहनीय है! केन्द्र सरकार अति शिघ्र इसे लागू कर घुमन्तु, अर्ध घुमन्तु जातियों, जनजातियों का उत्थान करे! राजस्थान सरकार ने जो चार जातियों को आरक्षण का कलेवा दिया है वो ऊंट के मुंह में जीरा वाली कहावत के समान है! इसमें केवल एकाधा जातियां घुमन्तुं, अर्ध घुमन्तु की शामिल हैं बाकी अनेक जातियां वंचित हैं!

सही मायने में रेणके आयोग की सिफारिशें ही इन जातियों का कल्याण कर सकती हैं! ये रिपोर्ट लागू होने पर घुमन्तु, अर्ध घुमन्तु जातियों को सरकारी सेवाओं में, शिक्षा में, रोजगार में, सरकार में तथा सभी स्वायत्त संस्थाओं में लाभ उठाने का मौका मिलेगा जिससे 60 वर्षो से पीडित इस देश की मूल जाति का विकास हो पाएगा! अतः सरकार शीघ्रातिशिघ्र इस आयोग की सिफारिशों को लागू कर!

रेणके आयोग की सहयोग देने में लोक दिशा के सम्पादक उम्मेदसिंह रैबारी का कार्य वास्तव में रैबारी समाज के उत्थान में चार चांद लगाने वाला है! उम्मेद सिंह ने जो रेणके आयोग की सेवा कर समाज के लिए कार्य किया यह इनकी बहुत बडी देन है!

राधाकिशन रेबारी (लोढा) उदयपुर

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